तो चलिए शुरू करते हैं। तो चलते हैं हम शूट की तरफ काले और गोरे बंदरों के साथ। जैसे ही हम शूट पे पहुंचे वैसे ही गोरे वाले को भूख लगने लगी और भूख लगने के कारण इसने आउताव नहीं देखा। पेड़ से पत्ते तोड़ के खाने लगा। और यह शब्बू तो टोपी लगा के मुल्ला जी बना हुआ है। और फिर हंसते-हंसते गोरे वाले ने मेरे पीठ पे दो रख दिए। और भाई साहब ये फिर काला वाला कहीं मानता ही नहीं है। अपनी दो उंगलियां हर जगह दिखाने लगता है। ओह माय गॉड गोरे वाले ने भी टोपी लगा और सबसे हैरान होने वाली बात तो ये है जिसका शूट चल रहा है वही सबसे पीछे खड़ा हो के हंस रहा है। तो चलिए आपको दिखाते हैं वो लोकेशन जहां पे हमें वीडियो शूट करना है। और भाई साहब ये काला वाला तो कहीं मानता ही नहीं है। मेरी कॉपी इसे करनी ही करनी है क्योंकि इसे मेरी कॉपी करने में ज्यादा ही मजा आता है। और फिर हमारे इस पेड़ पे से कूदने की शर्त लगी थी। मैं तो कूद गया। फिर देखो इमरान भाई भी कूद गए। लेकिन ये काला वाला [चीखने की आवाज़] अबे मजा आएगा नाो। आप लोगों को तो पता ही है काला वाला मानेगा ही नहीं। कॉपी जरूर करेगा। [हंसी] [चीखने की आवाज़] [हंसी] हो जाएगा वापसी शूट खत्म हो चुका है और हम चल दिए हैं अब सीधे घर की तरफ सारे लौंडे पीछे आज सब्बू बहुत पिटाया है मारा ब्लॉग में खत्म बाय बायाय टाटा गुड बाय गया